Acne and Pimple treatment

Acne/ Pimple : Homeopathic treatment

Pimples की समस्या से बहुत से लोग परेशान रहते है ।  सामान्यतः यह तैलिय त्वचा वालो में ज्यादा होता है, पर ऐसे भी कई लोग है जिनकी तवचा तैलीय न होने के बाद भी उन्हें मुहासों की समस्या होती है, युवास्था में मुहांसे होना स्वाभाविक है।

मुहांसे ,त्वचा की सामान्य स्थिति है, जो लड़के व लडकियों दोनों में हो सकती है , कभी तो यह सामान्य से दिखने वाले कील, मुंहासे से होते है परन्तु कई केस में चेहरे पर सामान्य से बड़े दाने होने लगते है साथ इनमें दर्द व पस भी भर जाता है, जिस कारण चेहरा लाल-लाल सा दिखाई देने लगता है, चेहरे की सफाई उचित तरह से न करना, जंक फ़ूड, ज्यादा मिर्च मसाले के प्रयोग से भी यह और बढ़ सकते है, ऐसी स्थति में व्यक्ति को जो भी मिलता है उसे अपनी सलाह या राय देता है., की ये लगा लो परन्तु इन सब से परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ जाती है

चिकित्सा :  आप सबसे पहले तो बहुत पानी पीये, खट्टे फलो का सेवन करें साथ ही सादे पानी से मुँह बार बार धोते रहे। सबसे पहले sepia 30 की 2 dram लें , 4-4 गोली दिन में 3 बार लें , साथ में Calendula Q से चेहरे की सुबह-शाम दो बार सफाई जरुर करें , इसके साथ Bio-Combination -20 की 4-4 गोली 3 बार ले, और Ber. Aqui. Q की 10-10 बुँदे, 3 बार लेते रहे, इनसे आपको फायदा होगा।

(Sepia 30 2dram, Calendula Q, B.C. 20, Berb. Aqui Q )

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Blood Purifier : Homeopathic Treatment

शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिए , खून की शुद्धता होना बहुत जरुरी होता है. यदि खून साफ़ न हो तो शरीर में फोड़े फुंसी त्वचा रोग , चेहरे पर मुहासे आदि निकल आते है , दूषित रक्त शरीर की कार्य प्रणाली को दूषित करता है और अपने साथ ही साथ अन्य प्रकार के रोगों को भी जन्म देता है, खून साफ करने के लिए सभी चिकित्सा प्रणाली में उपाय है , हर चिकित्सा पद्धति में रक्त शुद्धिकरण करने की कोशिश की जाती है.

चिकित्सा : होमियोपैथी में रक्त शुद्धिकरण के लिए दवाइया :- आप wheezal का  Sarsa Syrup को 2.5ml दिन में 3 बार ले इसके साथ आप ADEL का 66 नंबर की 20-20 बुँदे दिन में 3 बार प्रयोग करे.

Homeopathic treatment for asthma

Aasthma, दमा – Homeopathic Treatment

भारत में कई लोग अस्थमा रोग के शिकार हो गये है, अस्थमा एक इन्फेक्शन वाला रोग है जो फेफड़ो में इन्फेक्शन के कारण होती है, जिस कारण व्यक्ति को सांस लेने में काफी दिक्कते होती है. कई बार तो हालत इतनी बिगड़ जाती है की रोगी को इन्हेलर लेना पड़ता है , अस्थमा एक एलर्जिक रोग है , यदि समय पर इसका सही उपचार न मिले तो कई रोगियों की म्रत्यु भी हो जाती है.

कारण:

  • किसी भी चीज़ को खाने से होना
  • किसी दवा के सेवन से होना
  • मौसम बदलते समय अधिकतम ये रोग फैलता है
  • ठण्ड के मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही से होना

कारण: 

  • सांस लेने में कठनाई होना
  • सांस लेते समय सांय सांय की आवाज होना
  • गले में दर्द होना
  • बुखार आना
  • बहुत ज्यादा और अधिक समय तक खासी रहना

ऐसे कई कारण है, जिनके कारण यह और बढ़ जाता है, होम्योपैथिक में इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए लक्षणों के आधार पर दवा उपलब्ध है, कुछ दवाईयाँ इस प्रकार हैं

दवा :
सबसे पहले यदि आपको दिक्कत है तो आप Arsenic 30 में 2 बुँदे 3 बार- सुबह , दोपहर, शाम ( यदि दिक्कत नही है तो आप इसे न ले ), इसके साथ आप Blatta Q,आधे कप गरम पानी के साथ 15 बुँदे 3 बार (सुबह , दोपहर, शाम ) इसके साथ आप Adel No. 10 की 10 बुँदे 3 -बार(सुबह, दोपहर, शाम ) लें

Homeopathic treatment for Nail Fungus

Nail Fungus : Homeopathic Treatment

नाखूनों का फंगस जिसे हिंदी में कवक भी कहा जाता है, नाख़ून कवक एक संक्रमण होता है , जिस स्थिति में एक या एक से अधिक कवक नाखुनो को संक्रमित करता है. इस स्थिति , में नाखुनो के ऊपर सफ़ेद या पिली रंग की परत सी चढ़ जाती है. जिससे नाखुनो की शोभा ख़राब सी लगती है. इस स्थिति में नाखुनो की आस पास की जगह को भी संक्रमण अपने प्रभाव में ले लेता है, जिससे उस जगह की त्वचा भी ख़राब हो जाती है और साथ में उसमे खुजली व् दर्द भी होता है. और यदि समय पर इसका इलाज न कराया गया तो पुरे नाख़ून ही साफ हो जाते है, कई बार इनमे से पास भी निकलता है.

दवा:
सबसे पहले silicea 1m की 3 पुडिया जिसे आप 10 मिनट के अंतर से ले Adel No. 73 की 15-20 बुँदे 3 बार (सुबह, दोपहर, शाम ) ले, इसके बाद Natr. Sulp. 6x की 4 गोली 3 बार सुबह , दोपहर , शाम ले इसके साथ Ranunculus Bul. 30 में 2 बुँदे 3 बार (सुबह, दोपहर, शाम )15 दिन लगातार , इसके बाद इसे बंद कर दे इसके बाद भी पस बंद न हो तो 15 दिन बाद फिर से आप Silicea 1 M  की 3 dose (पुडिया) ले लें

Homeopathic treatment for Cataract

Cataract मोतियाबिंद : Homeopathic Treatment

मोतियाबिंद आँखों का एक सामान्य रोग है जो अधिकतम ५० वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को होता है, चाहे स्त्री हो या पुरुष यह सामान्य रूप से होता है परन्तु आजकल यह युवा पीढ़ी को भी हो रहा है, यदि इस रोग का समय से इलाज न कराया गया तो रोगी को दिखाई देना बिलकुल बंद हो जाता है, अंग्रेजी, में इसे Cataract कहा जाता है. रोग होने पर धीरे धीरे अपना असर दिखाई देता है

कारण : ५० वर्ष के पश्चात लेंस की पारदर्शिता कम होने लगती है जिससे मोतियाबिंद होता है

मधुमेह होने के कारण :
अत्यधिक मदिरा शराब या ध्रूमपान करना, लम्बे समय तक तेज रौशनी में या तेज गर्मी में कार्य करना, आदि ऐसे और भी कारण हो सकते है कारण जो भी हो यदि समय रहते मोतियाबिंद का  पता चल जाये तो तुरंत इसका होम्योपैथिक उपचार शरू करवाना चाहिए होम्योपैथिक उपचार से रोगी का मोतियाबिंद ठीक हो जाता है

दवाईयाँ:
सबसे पहले Ruta G. 30 की २ बूंद सुबह २ बूंद शाम को 15 दिन से एक माह तक ले, इसके बाद इसे बंद कर दे और अगर जरुरत लगे तो 90 दिन बाद दोबारा शुरू कर सकते है इसके बाद Cineraria Martima- 30 की २-२ बुँदे 3 बार इसे आप लगातार 90 दिनों तक ले इसके बाद एक महिना बंद कर दे, फिर से इस दवाई को शुरू करे इसके साथ आप Adel-No. -17 की २० बुँदे 3 बार ले (सुबह, दोपहर , शाम) और आप Cineraria  Maritima Schwabe Eye Drop (W.S) की 2 बुँदे 3 बार (सुबह , दोपहर , शाम ) डालें |

Homeopathic treatment for missing injuries

Missing Injury, गुम चोट | Homeopathic Treatment

गुम चोट या किसी भी प्रकार की चोटो के लिए होमियोपैथी में कारगर दवाइयां उपलब्ध है. छोटे छोटे बच्चो में तो चोट लगना , गिरते रहना एक आम बात है बच्चे जब चलना सिखते है या जब घुटनों के बल चलते है तब वह गिरते रहते है इस वजह से बच्चो में चोट लगना चाहे वो गुम चोट हो या खुली चोट सभी के लिए होमियोपैथी में दवा उपलब्ध है, बच्चो के साथ ही साथ बड़ो को भी कभी चोट लग जाये चाहे वो थोड़ी हो या ज्यादा, खुली चोट हो या गुम चोट मसल्स का फटना आदि सभी में होम्योपैथिक चिकित्सा है |

दवाइया : सबसे पहले यदि बच्चो को चोट लगी है या किसी बड़ो को ही क्यों न लगी हो. सबसे पहले Arnica 30 की 2 बुँदे 3 बार छोटे बच्चो को इसी दवा को गोलियों में बनवा कर दे, 4 गोली 3 से 6 बार तक ( छोटे बच्चो में ये चोट की बहुत अच्छी दवा है )|
Adel 27 की छोटे बच्चो को 10 बुँदे सुबह , दोपहर , शाम आधे कप पानी में मिला कर लें,  बड़ो को 15-20 बुँदे  सुबह ,दोपहर ,शाम  आधे कप पानी में मिला कर दें इसके साथ SBL- कंपनी की A.T Tablet की 2 गोली सुबह , दोपहर , शाम  दे गोलिया यदि छोटी है तो 4 गोली  सुबह , दोपहर और शाम दें

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Acne, Pimple , Wrinkle : Homeopathic Treatment

चेहरा किसी का भी हो या लड़की या लड़के हो हर कोई अपने चेहरे पर किसी भी प्रकार का कोई दाग धब्बा कोई पिम्पल या झाइया सहन नही कर सकते और यह देखने में भी अच्छा नहीं दिखाई देता चेहरे पर दाग धब्बे या झाइया हारमोंस की गड़बड़ी के कारण होती है झाइया हो या मुहासे हर किसी का होम्योपैथिक में उपचार संभव है
दवा के साथ ही साथ अपनी दिनचर्या पर भी ध्यान देना चाहिए , इन सब से बचने का एक उपाय है की ज्यदा से ज्यदा पानी पीना चाहिए चेहरे को साफ रखना चाहिए , फ़ास्ट फ़ूड से दुरी बनाये रखे , तला भुना ज्यदा मिर्ची मसाले वाले खाने का सेवन नहीं करना चाहिए, और सबसे खास बात की बाजार में जो अलग अलग प्रकार की क्रीम , फेस-वॉश, पैक आदि जो भी सोंदर्य प्रसाधन है यदि चहरे पे समस्या है तो इन्हें कम से कम या बिल्कुल ही बंद कर देना चाहिए|

दवा : झाइया होने की स्थति में आप होम्योपैथिक की kali Carb 200 की 6 dose इसकी एक एक पुडिया सुबह , दोपहर , शाम लेनी है 2 दिन तक इसके बाद Berb. Aqui. Q की 10 बुँदे 3 बार( सुबह , दोपहर , शाम ) इसके साथ NAt Mur 6x की 4 गोली 3 बार ( सुबह , दोपहर , शाम ) , इसके साथ Medisyntha Come की. Aquifallium क्रीम केवल रात में चेहरा साफ करके लगाना है, और दवाईया लगातार चलती रहेंगी 15 दिन बाद , Sepia 30 की पुडिया लेनी है 1 पुडिया सुबह दोपहर शाम, ध्यान रहे पुडिया लेते समय अन्य कोई दवाई नही लेनी है

Homeopathic treatment for typhoid

Typhoid

टाइफाइड बुखार या इसे मियादी बुखार भी कहा जाता है, यह बैक्टीरिया के कारण होता है, यह दूषित भोजन, सक्र्मित व्यक्ति के संपर्क में आने से, दूषित पानी के सेवन से होता है , इसका इलाज संभव है यदि व्यक्ति समय पर टाइफाइड का इलाज करवाए तो वह इससे बच सकते है लक्षण : सामान्यतः […]

Mental Stress

What are the Cure of Stress from Homeopathy

What are the Cure of Stress from Homeopathy :

यदि आजकल के समय में किसी को तनाव से बचना है तो अपनी सोच बदलनी होगी। आजकल की भागदौड़ भरी जिन्दगी में सभी को किसी न किसी बात का तनाव है ही, परिवार, पैसा, स्कूल- कॉलेज (पढाई) और वर्क यह सभी किसी को भी तनावग्रस्त करते हैं । पढाई का तनाव – competition इतना बढ़ गया है कि छोटे बच्चो को भी तनाव है। परिवार में किसी बढे ने अगर छोटो को किसी बात पर डांट लगा दी – उसका तनाव। काम का इतना प्रेशर, कि व्यक्ति को तनाव होना एक आम बात हो गयी है।

ऐसी कोई भी स्थिति होने पर अपने आप को पहचानिए और यदि आपके बच्चों पर इसका असर हो रहा है तो उन्हें प्यार से समझाइए।

कारण-
~ धुम्रपान या मदिरापान
~ छोटी छोटी बातों पर गुस्सा करना
~ ज्यादा देर तक जागना
~ खान – पान की गलत आदतें
~ एक साथ कई काम करने की आदत
~ छोटी छोटी बातों को दिल से लगाना, आदि

तनाव के कई अन्य कारण हो सकतें हैं, परन्तु तनाव को कम करना भी व्यक्ति के ही हाथों में है।

उपाय-
~ रात में जल्दी सोना व सुबह जल्दी जागना।
~ व्यायाम व योगा नियमित रूप से करना।
~ अपने आप पर विश्वास रखें।
~ हमेशा सकारात्मक सोचें, किसी भी विषय पर ज्यादा तनाव ना लेना।

चिकत्सा-
सबसे पहले Acid Phos 30 की 2 बुँदे 3 बार( सुबह , दोपहर , शाम ) Adel No.19 की 20 बुँदे 3 बार ( सुबह , दोपहर , शाम ) आधे कप पानी के साथ मिला कर, इसके साथ Five Phos 6x की 4 गोली सुबह , दोपहर शाम

Maleria, Malariya

Maleria

मलेरिया एक तरह का बुखार है, जिसे प्लाज्मोडियम संक्रमण (plasmodium infection) और विषम ज्वर भी कहते हैं। जब किसी व्यक्ति को, मलेरिया संक्रमित मच्छर काटता है, उस समय उसमें मौजूद परजीवी लार के रूप में व्यक्ति को संक्रमित कर देता है। जिस कारण रोगी की लाल रक्त कणिकाए टूटने लगती हैं और इसी कारण व्यक्ति को मलेरिया होता है। कई बार यह संक्रमित रक्त के आदान- प्रदान से भी हो जाता है।
लक्षण
~ ठण्ड लगना, रोगी का कांपना।
~ कभी गर्मी कभी ठण्ड लगना।
~ बुखार आना (तेज बुखार)।
~ सांस लेने में तकलीफ होना।
~ जी मचलाना, उल्टी होना।
~ हाथ पैरों में ऐठन होना।
~ कमजोरी होना।
~ भूख का कम होना।
~ पेट ख़राब होना।
वैसे यह कहना गलत नहीं होगा कि किस व्यक्ति को कब क्या हो जाए यह बात कोई नहीं जानता है।  इतनी जागरूकता होने के बाद, इतनी साफ़ सफाई होने के बाद भी मलेरिया किसी को भी हो जाता है। आये दिन अखबारों, टीवी चैनल आदि में साफ सफाई का इतना सन्देश दिया जाता है। इनका पालन सभी को करना चाहिए।
दवा – सबसे पहले Malaria  off 200 की 5 बुँदे सुबह शाम लें (10 – 15 दिन तक) साथ में Chininum Sulph 30 की 2 बुँदे 3 बार लें, इसी प्रकार Chininum ars 30 की 2 बुँदे 3 बार लें, बुखार आने पर BC 11 की गोली 3 बार लें।