Eczema

एक्जिमा (Eczema)
एक्जिमा रोग शरीर की त्वचा को प्रभावित करता है और यह एक बहुत ही कष्टदायक रोग है। यह रोग स्थानीय ही नहीं बल्कि पूरे शरीर में हो सकता है। इस स्थिति में आपके शरीर के किसी भी अंग की त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते हो जाते हैं। शिशुओं में यह काफी प्रचलित है। एक्जिमा कुछ मामलों में संक्रामक हो सकता है। एक्जिमा को मूल रूप से तीव्र खुजली से जाना जाता है जिसमें कभी-कभी खून निकल आता है और त्वचा को क्षति होती है। कभी-कभी कुछ लोग एक्जिमा के इलाज में काफ़ी हद तक सक्षम होते हैं जबकि कुछ लोगों को उम्र भर इसी के साथ रहना पड़ता है।
एक्जिमा रोग होने के लक्षण
जब यह रोग किसी व्यक्ति को हो जाता है तो उसके शरीर पर जलन तथा खुजली होने लगती है। रात के समय इस रोग का प्रकोप और भी अधिक हो जाता है।
एक्जिमा रोग से प्रभावित भाग में से कभी-कभी पानी अधिक बहने लगता है और त्वचा भी सख्त होकर फटने लगती है। कभी-कभी तो त्वचा पर फुंसियां तथा छोटे-छोटे अनेक दाने निकल आते हैं।
एक्जिमा रोग खुश्क होता है जिसके कारण शरीर की त्वचा खुरदरी तथा मोटी हो जाती है और त्वचा पर खुजली अधिक तेज होने लगती है।
एक्जिमा रोग होने के कारण
एक्जिमा रोग अधिकतर गलत तरीके के खान-पान के कारण होता है। गलत खान-पान की वजह से शरीर में विजातीय द्रव्य बहुत अधिक मात्रा में जमा हो जाते हैं।
कब्ज रहने के कारण भी एक्जिमा रोग हो जाता है।
दमा रोग को ठीक करने के लिए कई प्रकार की औषधियां प्रयोग करने के कारण भी एक्जिमा रोग हो जाता है। शरीर के अन्य रोगों को दवाइयों के द्वारा दबाना, एलर्जी, निष्कासन के कारण त्वचा निष्क्रिय हो जाती है जिसके कारण एक्जिमा रोग हो जाता है।
जानते है एक्जिमा रोग के लिए होम्योपैथिक दवाएं :
एक्जिमा रोग होने पर R23 की 20 बुँदे दिन में ३ बार (२० बुँदे सवेरे, २० बुँदे दिन में, २० बुँदे शाम को )
इस दवा को समय पर लें और बतायी गयी मात्रा में लें, ज्यादा समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें, साथ ही खूब पानी पिए और पोषण युक्त आहार लें.
ध्यान दे – दवाओं का सेवन बताई गयी विधि और मात्रा में ही करें, आप किसी अन्य बीमारी से ग्रस्त हैं तो दवाओं का उपयोग करने से पूर्व अपने निकटतम विश्वसनीय होमोपथिक विशेषज्ञ से जरुर परामर्श कर लें।