Hoarsen

गला बैठना

गले का बैठना वैसे तो एक आम समस्या है अक्सर इस परेशानी में लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते गले के बैठने के कारण गले में दर्द खराश जैसी समस्या आती है हलाकि गले दर्द की समस्या ज्यादा समय के लिए नहीं रहती पर इसका उपचार करा लेना चाहिए क्योंकी गले में खराश कई बड़ी बिमारियों का कारण बन सकती है गले के बैठने पर अकसर आपको बोलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है इतना ही नहीं आपको खाना निगलने में भी गले में दर्द होता है

गले बैठने के कारण :

गले के बैठने के वैसे तो कई कारण है, लेकिन कुछ सामान्य कारण निम्न है :-

टॉन्सिल या टॉन्सिल बढ़ने के कारण गला बैठना
जोर से चिल्लाने के कारण गला बैठना
ठंडे के कारण गला बैठना
ठंडे पेय प्रदार्थ, शराब के साथ अधिक मात्रा में बर्फ का सेवन, धूम्रपान , और अधिक तेल ,मसाले वाले खाने का सेवन करने के कारण
ये कुछ सामान्य कारण है जिससे गले बैठने की समस्या

गला बैठने के लक्षण

गला बैठना वैसे तो अपने आप में एक लक्षण है ,परन्तु इसके कुछ सामान्य लक्षण है जैसे :
मुँह से बदबू आना
साँस लेने में दिक्कत होना
निगलने में परेशनी
गले में गाँठ बनना
बोलने में गले में दर्द होना
आवाज में घरघराहट
गले में बलगम जमना
बलगम में खून
आदि लक्षण गले बैठने में दिखाई पड़ते है।

गले बैठने का होम्योपैथिक उपचार :
Aconitum Napellum 30ch की 5-5 बुँदे, दिन में 3 बार (5 बुँदे सवेरे, 5 बुँदे दिन में, 5 बुँदे शाम को ) 1 हफ्ते तक लें ,
एक हफ्ते बाद से,Causticum 30ch, की 5 बुँदे, दिन में ३ बार , 5 बुँदे सवेरे, 5 बुँदे दिन में, 5 बुँदे शाम को),
साथ में , Ferrum Phos. 6x और Kali Mur. 6x की 6-6 गोलिया मिला कर दिन में ३ बार लें

अगर गला बैठ रहा हैं तो , होमियोपैथी की कुछ दवाइयां लें कर आप गले बैठने की समस्या से छुटकारा पा सकते है।