Blood Pressure, Homeopathic Treatment | Sahas Homeopathic

आज कल की व्यस्त जीवन शैली , उल्टा सीधा खाना , तनाव , कई अन्य रोगों को जन्म देती है , इनमे से एक मुख्य रोग है Blood Pressure ( हाई ब्लड प्रेशर, उच्च रक्तचाप ) है, आजकल ये एक आम समस्या बन गयी है  । अगर अपने घर के बड़े बुजुर्गो से पूछे की क्या पहले के जमाने में किसी व्यक्ति को ये रक्त चाप की समस्या थी क्या तो सभी से यही जवाब मिलेगा नहीं क्योकि पहले के समय में पर्यावरण शुद्ध था जिससे उस समय की हवा शुद्ध थी व्यक्ति अपने सभी कामो को स्वयं हाथो से किया करते थे , पैदल चलना उनकी दिनचर्या थी जिस कारण पहले के व्यक्तियों में शायद ही यह  समस्या है, परंतु वर्तमान में उन सब बातो का उल्टा है ।

सामान्यतः  जब ह्रदय की धमनियों में दबाब बढ़ जाता है , तो इस स्थति को ही रक्तचाप कहा जाता है , लगातार उच्च रक्तचाप रहना शरीर को अन्य तरह की हानि पहुचता है , यहाँ तक की ह्रदय घात (हार्ट फ़ैल ) होने का खतरा भी होता है ।

कारण : हाइपरटेंशन के कारण
मोटापा
ध्रूमपान का अत्यधिक सेवन
वसायुक्त आहार
मानसिक तनाव
मधुमेह
कई केस में आनुवंशिक भी हो सकता है

चिकित्सा : सबसे पहले आप Arnica 30 में २ बुँदे 3 बार (सुबह , दोपहर, शाम ), Adel की 8 नंबर की २ -२ बुँदे सुबह , दोपहर , शाम को ले । इसके बाद Rauvoltia 1x में या Q पॉवर में भी ले सकते है ।

इन दवाओ के साथ व्यायाम करें , तनाव मुक्त जीवन जीये , और अपने खान पान पर ध्यान दे ।

Mental and Physical pressure

Mental Stress, Homeopathic treatment

वर्तमान समय में ऐसे व्यक्ति की कल्पना करना असंभव सा है , जो मानसिक तनाव का अनुभव नही करता हो , चाहे वह , बच्चा हो या जवान या  वृद्धा हर कोई मानसिक तनाव से ग्रस्त है ।

किसी को पढाई का टेंशन, किसी को नौकरी का , नौकरी वालो को काम का टेंशन, किसी को शादी का , ऐसे कई सामाजिक व व्यक्तिगत कारण है जो हर व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले रहा है , नौकरी न मिल पाने से आर्थिक कारण  से तनाव ग्रस्त भी  अधिकांश लोग देखे जा रहे है।

अन्यं रोगों की तरह ही मानसिक तनाव भी तन और मन दोनों पर बुरा असर डालता है जिससे की अनेक शारीरिक रोग भी उत्पन हो जाते है जैसे डायबिटीज , पेप्टिक अलसर , सर दर्द , माइग्रेन, डिप्रेशन, उच्च रक्तचाप आदि ।

कारण : ईर्ष्या, जो व्यक्ति चाहे वो काम न हो पाना , आर्थिक समस्या , गृह कलेश, भय , चिंता, काम का बोझ बढ़ना ।

लक्षण : मानसिक थकान , सर दर्द , काम में मन न लग पाना , एक्काग्रता का अभाव, नींद न आना या कम आना , उत्साह में कमी, थकान महसूस करना , उदासीनता , आत्म-विस्वास में कमी आना आदि (

चिकित्सा : इस स्थिति के होने पर आप होमियोपैथी में Adel 85 सिरप को आधा कप पानी में २-२ चम्मच , दिन में 3 बार ले , इससे आपको बहुत जल्द आराम मिलना शुरू हो जायेगा।

Homeopathic Treatment for hair loss

Hair Loss Homeopathic Treatment

सामान्य रूप से सभी के बालो का कुछ मात्र में गिरना एक सामान्य बात है, परन्तु अगर बालों के गिरने की स्थिति सामान्य से ज्यादा बढ़ जाती है , तो आने वाले समय में गंजेपन का कारण भी बन जाती है , इसलिए समय रहते इस रोग का होम्योपैथिक उपचार करा लेना चाहिए। हर व्यक्ति काले घने बालों की चाहत रखता है, इसके लिए तमाम कोशश करता रहता है, परन्तु परिणाम कुछ खास नही मिल  पाता है ।

शरीर में अचानक होने वाले शरीरिक रसायन (हारमोंस) के बदलाव के कारण भी बालों का गिरना शुरू होता है । बालों के गिरने का कारण कुछ भी हो यदि हम थोडा सा अपना ध्यान रखे , अपने आहार पर ध्यान दे और होम्योपैथिक चिकित्सा अपनाये तो इस समस्या से बच सकते है।

चिकित्सा : यदि आप भी इस समस्या से पीड़ित है , तो आप होम्योपैथिक की सबसे पहले wiesbaden 30 की २-२ बुँदे 3 बार ले, इसके बाद आप Arnica 30, की २-२ बुँदे 3 बार ( 10 दिन Wiesbaden, 10 दिन Arnica ) इसके बाद  Selenium 30 की २-२ बुँदे 3 बार , इसके साथ साथ आप Kali Sulph 6x की 4-4 गोली 3 बार इसके साथ Scalptone tab की २-२ गोली  3 बार लगातार ले  ।

दवा के साथ साथ सभी को अपने आहार में प्रोटीन लेना बहुत जरुरी है , यदि आप केवल दवा खा रहे है और अपने खान पान पे ध्यान नही दे रहे , तो इससे आपको उतना फायदा नही मिल पायेगा।

Sciatica homeopathic treatment

Sciatica homeopathic Treatment

कमर की नसों में से यदि किसी एक में सुजन आ जाये तो , पुरे पैर में दर्द होने लगता है । इस स्थिति को ही हिंदी में ग्रध्रसी (साइटिका) कहते है । यह दर्द नितम्ब संधि (hip joint) के पीछे से शुरू होकर धीरे धीरे बढता जाता है । दर्द इतना बढ़ जाता है की कभी कभी पैरो में शुन्यता आ जाती है ऐसे कई और कारण हो सकते है जिससे ये पृष्टि हो की रोगी को जो दर्द हो रहा है वो साइटिका का दर्द है की नहीं , और इन सभी समस्याओ का होमियोपैथी में इलाज संभव है ।

वैसे तो साइटिका का दर्द एक समय में सिर्फ एक ही टांग में होता है , लेकिन सर्दियों के दिनों में ये दर्द और अधिक हो जाता है। सोते समय, उठते बैठते , कई बार पैर की पूरी नस खीँच जाती है । जिसके कारण बहुत तकलीफ होती है ।

दवा : होम्योपैथिक दवा में आप सबसे पहले Gnaphalium २०० की 5 बुँदे सुबह, शाम दो बार ले , इसके साथ adel 39 की 20 ड्राप आधे कप पानी में  20 बुँदे 3 बार ले , इसके साथ आप B.C- 19 की 4-4 गोली, 3 बार ले , और साथ ही साथ अपना ध्यान रखे , योग व व्ययाम और अपने खाने पिने का ध्यान रखे ।

Acne and Pimple treatment

Acne/ Pimple : Homeopathic treatment

Pimples की समस्या से बहुत से लोग परेशान रहते है ।  सामान्यतः यह तैलिय त्वचा वालो में ज्यादा होता है, पर ऐसे भी कई लोग है जिनकी तवचा तैलीय न होने के बाद भी उन्हें मुहासों की समस्या होती है, युवास्था में मुहांसे होना स्वाभाविक है।

मुहांसे ,त्वचा की सामान्य स्थिति है, जो लड़के व लडकियों दोनों में हो सकती है , कभी तो यह सामान्य से दिखने वाले कील, मुंहासे से होते है परन्तु कई केस में चेहरे पर सामान्य से बड़े दाने होने लगते है साथ इनमें दर्द व पस भी भर जाता है, जिस कारण चेहरा लाल-लाल सा दिखाई देने लगता है, चेहरे की सफाई उचित तरह से न करना, जंक फ़ूड, ज्यादा मिर्च मसाले के प्रयोग से भी यह और बढ़ सकते है, ऐसी स्थति में व्यक्ति को जो भी मिलता है उसे अपनी सलाह या राय देता है., की ये लगा लो परन्तु इन सब से परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ जाती है ।

चिकित्सा :  आप सबसे पहले तो बहुत पानी पीये, खट्टे फलो का सेवन करें साथ ही सादे पानी से मुँह बार बार धोते रहे। सबसे पहले sepia 30 की 2 dram लें , 4-4 गोली दिन में 3 बार लें , साथ में Calendula Q से चेहरे की सुबह-शाम दो बार सफाई जरुर करें , इसके साथ Bio-Combination -20 की 4-4 गोली 3 बार ले, और Ber. Aqui. Q की 10-10 बुँदे, 3 बार लेते रहे, इनसे आपको फायदा होगा।

(Sepia 30 2dram, Calendula Q, B.C. 20, Berb. Aqui Q )

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Blood Purifier : Homeopathic Treatment

शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिए , खून की शुद्धता होना बहुत जरुरी होता है. यदि खून साफ़ न हो तो शरीर में फोड़े फुंसी त्वचा रोग , चेहरे पर मुहासे आदि निकल आते है , दूषित रक्त शरीर की कार्य प्रणाली को दूषित करता है और अपने साथ ही साथ अन्य प्रकार के रोगों को भी जन्म देता है, खून साफ करने के लिए सभी चिकित्सा प्रणाली में उपाय है , हर चिकित्सा पद्धति में रक्त शुद्धिकरण करने की कोशिश की जाती है.

चिकित्सा : होमियोपैथी में रक्त शुद्धिकरण के लिए दवाइया :- आप wheezal का  Sarsa Syrup को 2.5ml दिन में 3 बार ले इसके साथ आप ADEL का 66 नंबर की 20-20 बुँदे दिन में 3 बार प्रयोग करे.

Homeopathic treatment for asthma

Aasthma, दमा – Homeopathic Treatment

भारत में कई लोग अस्थमा रोग के शिकार हो गये है, अस्थमा एक इन्फेक्शन वाला रोग है जो फेफड़ो में इन्फेक्शन के कारण होती है, जिस कारण व्यक्ति को सांस लेने में काफी दिक्कते होती है. कई बार तो हालत इतनी बिगड़ जाती है की रोगी को इन्हेलर लेना पड़ता है , अस्थमा एक एलर्जिक रोग है , यदि समय पर इसका सही उपचार न मिले तो कई रोगियों की म्रत्यु भी हो जाती है.

कारण:

  • किसी भी चीज़ को खाने से होना
  • किसी दवा के सेवन से होना
  • मौसम बदलते समय अधिकतम ये रोग फैलता है
  • ठण्ड के मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही से होना

कारण: 

  • सांस लेने में कठनाई होना
  • सांस लेते समय सांय सांय की आवाज होना
  • गले में दर्द होना
  • बुखार आना
  • बहुत ज्यादा और अधिक समय तक खासी रहना

ऐसे कई कारण है, जिनके कारण यह और बढ़ जाता है, होम्योपैथिक में इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए लक्षणों के आधार पर दवा उपलब्ध है, कुछ दवाईयाँ इस प्रकार हैं।

दवा :
सबसे पहले यदि आपको दिक्कत है तो आप Arsenic 30 में 2 बुँदे 3 बार- सुबह , दोपहर, शाम ( यदि दिक्कत नही है तो आप इसे न ले ), इसके साथ आप Blatta Q,आधे कप गरम पानी के साथ 15 बुँदे 3 बार (सुबह , दोपहर, शाम ) इसके साथ आप Adel No. 10 की 10 बुँदे 3 -बार(सुबह, दोपहर, शाम ) लें ।

Homeopathic treatment for Nail Fungus

Nail Fungus : Homeopathic Treatment

नाखूनों का फंगस जिसे हिंदी में कवक भी कहा जाता है, नाख़ून कवक एक संक्रमण होता है , जिस स्थिति में एक या एक से अधिक कवक नाखुनो को संक्रमित करता है. इस स्थिति , में नाखुनो के ऊपर सफ़ेद या पिली रंग की परत सी चढ़ जाती है. जिससे नाखुनो की शोभा ख़राब सी लगती है. इस स्थिति में नाखुनो की आस पास की जगह को भी संक्रमण अपने प्रभाव में ले लेता है, जिससे उस जगह की त्वचा भी ख़राब हो जाती है और साथ में उसमे खुजली व् दर्द भी होता है. और यदि समय पर इसका इलाज न कराया गया तो पुरे नाख़ून ही साफ हो जाते है, कई बार इनमे से पास भी निकलता है.

दवा:
सबसे पहले silicea 1m की 3 पुडिया जिसे आप 10 मिनट के अंतर से ले । Adel No. 73 की 15-20 बुँदे 3 बार (सुबह, दोपहर, शाम ) ले, इसके बाद Natr. Sulp. 6x की 4 गोली 3 बार सुबह , दोपहर , शाम ले। इसके साथ Ranunculus Bul. 30 में 2 बुँदे 3 बार (सुबह, दोपहर, शाम )15 दिन लगातार , इसके बाद इसे बंद कर दे। इसके बाद भी पस बंद न हो तो 15 दिन बाद फिर से आप Silicea 1 M  की 3 dose (पुडिया) ले लें।

Homeopathic treatment for Cataract

Cataract मोतियाबिंद : Homeopathic Treatment

मोतियाबिंद आँखों का एक सामान्य रोग है जो अधिकतम ५० वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को होता है, चाहे स्त्री हो या पुरुष यह सामान्य रूप से होता है। परन्तु आजकल यह युवा पीढ़ी को भी हो रहा है, यदि इस रोग का समय से इलाज न कराया गया तो रोगी को दिखाई देना बिलकुल बंद हो जाता है, अंग्रेजी, में इसे Cataract कहा जाता है. रोग होने पर धीरे धीरे अपना असर दिखाई देता है।

कारण : ५० वर्ष के पश्चात लेंस की पारदर्शिता कम होने लगती है जिससे मोतियाबिंद होता है।

मधुमेह होने के कारण :
अत्यधिक मदिरा शराब या ध्रूमपान करना, लम्बे समय तक तेज रौशनी में या तेज गर्मी में कार्य करना, आदि ऐसे और भी कारण हो सकते है। कारण जो भी हो यदि समय रहते मोतियाबिंद का  पता चल जाये तो तुरंत इसका होम्योपैथिक उपचार शरू करवाना चाहिए। होम्योपैथिक उपचार से रोगी का मोतियाबिंद ठीक हो जाता है।

दवाईयाँ:
सबसे पहले Ruta G. 30 की २ बूंद सुबह २ बूंद शाम को 15 दिन से एक माह तक ले, इसके बाद इसे बंद कर दे और अगर जरुरत लगे तो 90 दिन बाद दोबारा शुरू कर सकते है। इसके बाद Cineraria Martima- 30 की २-२ बुँदे 3 बार इसे आप लगातार 90 दिनों तक ले इसके बाद एक महिना बंद कर दे, फिर से इस दवाई को शुरू करे। इसके साथ आप Adel-No. -17 की २० बुँदे 3 बार ले (सुबह, दोपहर , शाम) और आप Cineraria  Maritima Schwabe Eye Drop (W.S) की 2 बुँदे 3 बार (सुबह , दोपहर , शाम ) डालें |

Homeopathic treatment for missing injuries

Missing Injury, गुम चोट | Homeopathic Treatment

गुम चोट या किसी भी प्रकार की चोटो के लिए होमियोपैथी में कारगर दवाइयां उपलब्ध है. छोटे छोटे बच्चो में तो चोट लगना , गिरते रहना एक आम बात है बच्चे जब चलना सिखते है या जब घुटनों के बल चलते है तब वह गिरते रहते है इस वजह से बच्चो में चोट लगना चाहे वो गुम चोट हो या खुली चोट सभी के लिए होमियोपैथी में दवा उपलब्ध है, बच्चो के साथ ही साथ बड़ो को भी कभी चोट लग जाये चाहे वो थोड़ी हो या ज्यादा, खुली चोट हो या गुम चोट मसल्स का फटना आदि सभी में होम्योपैथिक चिकित्सा है |

दवाइया : सबसे पहले यदि बच्चो को चोट लगी है या किसी बड़ो को ही क्यों न लगी हो. सबसे पहले Arnica 30 की 2 बुँदे 3 बार छोटे बच्चो को इसी दवा को गोलियों में बनवा कर दे, 4 गोली 3 से 6 बार तक ( छोटे बच्चो में ये चोट की बहुत अच्छी दवा है )|
Adel 27 की छोटे बच्चो को 10 बुँदे सुबह , दोपहर , शाम आधे कप पानी में मिला कर लें,  बड़ो को 15-20 बुँदे  सुबह ,दोपहर ,शाम  आधे कप पानी में मिला कर दें । इसके साथ SBL- कंपनी की A.T Tablet की 2 गोली सुबह , दोपहर , शाम  दे गोलिया यदि छोटी है तो 4 गोली  सुबह , दोपहर और शाम दें ।