मिसकैरेज की समस्या

मां बनना एक बहुत ही खूबसूरत एहसास होता है। वहीं मिसकैरेज उतना ही दर्दनाक होता है। यह महिला को फिजीकली और इमोशनली झकझोर के रख देता है। मिसकैरेज होने के कई कारण होते हैं, जैसे भारी सामान उठाना, शराब की लत, स्मोकिंग आदि। वहीं अगर आपका भी कई बार मिसकैरेज हो चुका हैए तो ऐसे में आपको हम आज कुछ बातें बताने जा रहे हैं। जिस पर ध्यान देने से आपके प्रेग्नेंट होने के चांस बढ़ सकते हैं। कई बार महिलाओं को मिसकैरेज के बाद ब्लीडिंग होती है। वहीं कुछ महिलाओं को बहुत ज्यादा ही ब्ली़डिंग होती है। अगर आपको 4 हफ्तों से ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है, तो आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।आप होम्योपैथिक दवाओं को सेवन कर मिसकैरेज की समस्या से छुटकारा पा सकते है।

मिसकैरेज के कारण-

रोग प्रतिरोधक क्षमता
ब्लड क्लॉटिंग की समस्या
हार्मोनल असंतुलन
थायरॉयड या मधुमेह
गर्भ या गर्भाशय में समस्या
बहुत ज्यादा धूम्रपान

मिसकैरेज के लक्षण-

वजाइनल डिस्चार्ज
पेट में अत्यधिक दर्द
संकुचन महसूस होना
वजन घटना

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आपके मियकैरेज की समस्या से परेशान है तो आप तुंरत डॉक्टर को दिखाये।े आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर ऐसे समस्याओं से छुटकारा पा सकते है। और होम्योपैथिक दवाइयों का उपयोग करें तो इन बीमारियों से बच सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप साहस होम्योपैथिक क्लीनिक के विशेषज्ञ डॉ. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

बुखार का होम्योपैथिक उपचार

मानसून का मौसम चल रहा है, यह अपने साथ कई बीमारियों को लेकर आता है। ऐसे मेंं सर्दी में बुखार की समस्या अक्सर नजर आती है। जब भी मौसम बदलता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है। कई संक्रामक बीमारियों हमें घेर सकती हैं। आप एकदम स्वस्थ होने के बाद भी अचानक से बीमार पड़ सकते हैं। मौसम बदलने पर सर्दी-जुकाम होने से बुखार भी चढ़ जाता है। आप होम्योपैथिक विधि से सर्दी में बुखार से निजात पा सकते है।

सर्दी-बुखार के लक्षण-

खांसी होना
भारी आवाज
गले में खरास
बंद या बहती नाक
छींक आना

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी सर्दी में बुखार से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर सर्दी में बुखार की समस्या से छुटकारा पा सकते है। बदलते मौसम में ज्यादातर लोग वायरल बुखार, फ्लू, जुकाम, सर्दी, खांसी, गले में खरास से परेशान हो जाते हैं, लेकिन यदि हम थोड़ी सी सावधानी रखें, खान-पान पर नियंत्रण रखें और होम्योपैथिक दवाइयों का उपयोग करें तो इन बीमारियों से बच सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप साहस होम्योपैथिक क्लीनिक के विशेषज्ञ डॉ. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

अनीमिया की समस्या

अनीमिया एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें शरीर के अंदर खून की कमी हो जाती है। अगर समय रहते इसका निदान न किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है। एनीमिया एक रक्त से संबंधित बीमारी है। ज्यादारत औरतें ही इसकी शि‍कार होती है। एनीमिया होने पर शरीर में आयरन की कमी हो जाती है और इसके चलते हीमोग्लोबिन बनना भी कम हो जाता है। इससे शरीर में खून की कमी हो जाती है। जब शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, तो नसों में ऑक्सीजन का प्रवाह भी कम होता है। इसी से पैदा होती है एनीमिया की समस्या। आप होम्योपैथिक विधि से अनीमिया का उपचार बड़ी आसानी से कर सकते है।

इस बीमारी के लक्षण

थकान
कमजोरी
त्वचा का पीला होना
दिल की धड़कन का असामान्य होना
सांस लेने में तकलीफ
चक्कर आना
सीने में दर्द
हाथ-पैरों का ठंडा होना
सिरदर्द

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी अनीमिया की समस्या से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर अनीमिया से छुटकारा पा सकते है। किसी तरह की परेशानी होने पर आप साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

पेट में मरोड़

आजकल फास्टफूड और तैलीय भोजन खाने से कई बार पेट में मरोड़ उठने लगती है जो काफी परेशान करती है। इसी के साथ दस्त भी शुरू हो जाए तो इंसान की हालत पस्त हो जाती है। गलत खानपान के कारण हमारा पाचनतंत्र प्रभावित होता है और कई बार हमारे पेट में दर्द होने लगता है। इस दर्द का कारण पेट की गैस, अपच, एसिडिटी, कब्ज, पेट का फ्लू, फूड प्वायनिंग आदि हो सकती है। आप होम्योपैथिक विधि से पेट में मरोड़ की समस्या को हल कर सकते है।

आइये जानते है इसके कारण

पेट का फ्लू
गैस
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम
एसिड रिफ्लक्स
उल्टी
कब्ज
गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डीजीज
पेप्टिक अल्सर
क्रोहन रोग
मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव
मासिक धर्म

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी पेट में मरोड़ से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर पेट में मरोड़ से छुटकारा पा सकते है। किसी तरह की परेशानी होने पर आप साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

सिर घूमने की समस्या

वर्टिगो शब्द लैटिन भाषा वर्टो से लिया गया है। इसका अर्थ है घूमना। वर्टिगो घूमने का एक अहसास या असंतुलन की अनुभुति है। इससे पीडि़त रोगी को चक्कर आते हैं या असंतुलन रहता है। यह असंतुलन के दौरान जी मिचलाना, उल्टी आना, अधिक पसीने आना अथवा चलने में अस्थिरता का एहसास हो सकता है। सिर हिलाने पर चक्कर बढ़ सकते हैं। वर्टिगो को कुछ लोग अधिक उंचाई पर जाने का डर समझते हैं, लेकिन इस बीमारी को एक्रोफोबिया कहते हैं।

वर्टिगो के कारण

बीपीपीवी
मेनिस डिजिस
वेस्टिब्यूलर न्युरीटाईस
लेबिन्थटिक्स
एक्युस्टिक न्युरोमा
ओटोलिथ डिसफंक्शन
वेस्टब्युलर माईग्रेन
सेन्ट्रल वेस्टीबलोपेथी
साईकोजोनिक डिसआर्डस।

आइये जानते है लक्षण

असंतुलित महसूस करना
गिरने का एहसास
चक्कर आना
सिर घूमना
एक ओर झुकना
सरदर्द

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी सिर घूमने से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर सिर घूमने से छुटकारा पा सकते है। किसी तरह की परेशानी होने पर आप साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

जलोदर की बीमारी

जलोदर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पेट में तरल पदार्थ भर जाता है और पेट फूला हुआ नजर आता है। पानी पेट में झिल्लीदार परतों के बीच में बनता है, जिसे पेरिटोनियम कहते हैं। पेरिटोनियम में तरल पदार्थ का थोड़ी मात्रा में होना सामान्य बात है। ऐसे में तरल पदार्थ के अधिक मात्रा में इक_े हो जाने से सूजन हो जाती है, जिसके कारण से सांस लेने में काफी दिक्कते होती है। केवल इतना ही नही ये आपके लीवर को भी खराब कर सकता है, इसकी वजह से इंसान को अपनी जान भी गवानी पड़ सकती है। आज हम आपको बतायेंगे कैसे आप होम्योपैथिक विधि से इसका उपचार कर सकते है।

आइये जानते है इसके लक्षण

पेट फूलना
अपच
जी-मिचलाना
उल्टी आना
बढ़ा हुआ पेट
पैरों में सूजन
वजन बढऩा

पेट में पानी भरने के कारण

पैनक्रिएटिक
किडनी की समस्या
शराब का सेवन
लिवर और हृदय की नसों में थक्के

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी जलोदर की समस्या से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर जलोदर की समस्या से छुटकारा पा सकते है। किसी तरह की परेशानी होने पर आप साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

सीने या गले में जलन

सीने और गले की जलन से परेशान रहने का मुख्य कारण आजकल लोगों का खान-पान से जोड़ा जाय तो कोई गलत नहीं होगा। पेट में गैस बनना, एसिडिटी जैसी बीमारियां आम हो गई हैं। सर्दियों में लोग तला-भुना ज्यादा खाते हैं, जिसके कारण पेट से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों की पाचन क्रिया तो इतनी कमजोर होती है कि खाना खाने के बाद ही एसिडिटी, पेट फूलना, सीने में जलन जैसी समस्याएं होने लगती है। आज हम आपकों बतायेंगे कैसे आप होम्योपैथिक विधि से गले में जलन का उपचार कर सकते है।

सीने पेट में जलन के लक्षण

पेट फूलना
गले में खराश होना
घबराहट
हिचकी
पेट-सीने व गले में जलन
जी मिचलाना
उल्टी होना
गैस बनना
बार-बार डकार आना

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी गले या सीने की जलन से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर गले की जलन से छुटकारा पा सकते है। किसी तरह की परेशानी होने पर आप साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

खूनी दस्त की समस्या

दस्त में खून आने की कई वजह हो सकती हैं। इनमें एक प्रमुख वजह कीटाणु होते हैं। कई लोगों के पेट में कीड़े होते हैं। ये कीड़े धीरे.धीरे आंत में जख्म कर देते हैं और दस्त में खून आने लगता है। मल में खून आए तो यह कैंसर की निशानी है। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। पेट के कई और रोग हैं जिनकी वजह से मल में खून आने लगता है। इसलिए अगर कभी खूनी दस्‍त हों तो घबराएं नहीं पर साथ ही यह भी जरूरी है कि आप अपनी डॉक्‍टरी जांच जरूर कराएं।

खूनी दस्त के लक्षण

पेट में दर्द
बुखार
ठंड लगना
थकान
मल त्याग में दर्द
पानी के दस्त

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी खूनी दस्त से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर खूनी दस्त से छुटकारा पा सकते है। किसी तरह की परेशानी होने पर आप साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

मुंहासों का होम्योपैथिक उपचार

महिलाओं और पुरूषों साफ. बेदाग चेहरे की चाहत लगभग हर किसी को होती है, लेकिन कई बार लाख कोशिश के बाद भी कुछ कारणों से चेहरे पर दाग हो जाते हैं। मुंहासे भी इन्हीं कारणों में से एक हैं। मुंहासे ठीक तो हो जाते हैं, लेकिन कई बार चेहरे पर जिद्दी दाग छोड़ जाते हैं। ऐसे में बेदाग निखार के लिए जरूरी है मुंहासों का इलाज करना। अगर आप भी मुंहासों की समस्या से परेशान है तो आप होम्योपैथिक विधि से इसका उपचार कर सकते है।

आइये जानते है लक्षण-

रोम छिद्र का बंद होना
लाल रंग की छोटी-छोटी गाँठे
गाँठों में पस का भरना
बड़ी-बड़ी लाल रंग की पुटि

मुंहासों के कारण

क्रीम का प्रयोग
दूषित वातावरण
हार्मोन्स परिवर्तन
मानसिक तनाव
वंशानुगत
कब्ज
गलत खान पान

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी मुंहासों की समस्या से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर मुंहासोंं की समस्या से छुटकारा पा सकते है। किसी तरह की परेशानी होने पर आप साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।

छाल रोग का उपचार

छाल या सोरायसिस रोग एक त्वचा विकार या चर्मरोग है। जिसमें त्वचा पर लाल और मोटी परतदार ददोतेे होते है। छाल या सोरायसिस रोग एक असंक्रामक और लंबी समय अवधि का त्वचा का चर्मरोग है, जो की परिवारों में पीड़ी डर पीड़ी चलता रहता है। इस रोग के रोगी को कई बार ऐसा लगता है कि वह रोग से मुक्त हो गया लेकिन कुछ समय बाद यह फिर अपना प्रभाव दिखाने लगता है। यह पुरुष और महिलाओं में समान रूप से मिलता है। अगर आप भी छाल रोग की समस्या से परेशान है तो आप होम्योपैथिक विधि से इसका उपचार कर सकते है।

आइये जानते है इसके लक्षण

त्वचा का मोटा होना
जोड़ों में दर्द
नाखूनों में बदलाव
खुजली
सूखी, सफेद त्वचा
परतदार त्वचा
त्वचा का लाल-गुलाबी होना

छाल के कारण

दवाओं का दुष्प्रभाव
तनाव
बहुत कम धूप
बैक्टीरिया
शुष्क हवा
त्वचा पर चोट
सनबर्न

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी छाल की समस्या से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर छाल की समस्या से छुटकारा पा सकते है। किसी तरह की परेशानी होने पर आप साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय से संपर्क कर सकते है।